खुद पर भरोसा रखें आप कुछ भी कर सकते हैं|TRUST YOURSELF YOU CAN DO
खुद पर भरोसा रखें आप कुछ भी कर सकते हैं|TRUST YOURSELF YOU CAN DO
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भरोसा जब खुद पर होता है तो ताकत बन जाती है और भरोसा जब किसी और पर होता है तो कमजोरी बन जाती हैं| यही जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई में से एक है इंसान जो कामयाब नहीं है वह कामयाब इसीलिए नहीं है क्योंकि वह भरोसा खुद पर करना नहीं जानता वह खुद पर भरोसा ही नहीं करता उसे लगता है कि उसके अंदर कुछ कमी है| उस चीज को नहीं पा सकता जिसे को पाना चाहता है और यहीं से उसकी हारने की शुरुआत शुरू होती है क्योंकि जब आप खुद पर भरोसा हटा देते हैं तो आप पर भगवान भी भरोसा नहीं करता अगर आपको दूसरों का भरोसा जीतना है तो सबसे पहले खुद पर भरोसा करना सीखें| जब आप खुद पर भरोसा करते हो तो दुनिया आप पर भरोसा करती हैं और भरोसा पाया कैसे जाए कभी सोचा है कि क्यों आप खुद पर भरोसा नहीं करते क्यों हम दूसरे की कामयाबी को देखते हैं और कहते हैं कि यार वह कितना कामयाब है| पर मैं इतना कामयाब हो ही नहीं सकता यही सबसे बड़ी गलती है जो आपका कहना है कि मैं कामयाब नहीं हो सकता यही आप की सबसे बड़ी भूल है, यही सबसे बड़ी कमजोरी है, कभी आपने खुद से यह सवाल पूछा है कि आखिर मैं कामयाब क्यों नहीं हो सकता- अगर एक इंसान किसी काम को कर सकता है तो दूसरा इंसान क्यों नहीं कर सकता- क्यों आपने यह मान लिया कि आप उस काम को नहीं कर सकते इंसान इस दुनिया में कोई भी काम करने के लिए सक्षम है बस अगर वह खुद पर भरोसा कर ले एक बार वह किसी की नहीं सिर्फ अपनी सुने, अपने पर भरोसा करें उसको कोई क्या कह रहा है, उसके मां-बाप उसके बारे में क्या कह रहे हैं.
उसे वह नहीं सुनना है क्योंकि मां बाप के बारे में एक बात बताऊ यह बहुत फैक्ट है कि किसी भी मां-बाप को अपना बच्चा अच्छा नहीं लगता वह अपने बच्चे पर भरोसा ही नहीं ,कहते हैं यह नालायक है यह कुछ नहीं कर सकता, अरे बेटा तुझसे नहीं हो पाएगा, तू मत कर, लेकिन यही सबसे बड़ी भूल है कि वह अपने बच्चों पर भरोसा नहीं करते और वह दूसरे के बच्चों पर कहते हैं कि वह फलाना का बच्चा देख कहां पहुंच गया लेकिन तू नहीं कर सकता, उन्हें इसकी जगह कहना चाहिए वहां पहुंच गया लेकिन तू इससे भी ऊपर पहुंच सकता है, तो उनका बेटा या बेटी कुछ भी कर सकती है तो सबसे पहले जो भरोसा हमारा डगमग आता है- उसकी शुरुआत होती है हमारे खुद के माता-पिता से एक बच्चा जो डरता है. सबसे पहले इस दुनिया में उसे डराने वाले होते हैं, उसके खुद के माता-पिता क्योंकि वह उसके मन में कूट-कूट कर भर देते हैं- कि तुझ पर ना हो पाएगा, अरे क्यों नहीं हो पाएगा, क्यों नहीं कर सकता हमेशा दूसरे के बच्चे से अपने बच्चे को क्यों आप कंपेयर कर रहे हो, यह आप की सबसे बड़ी भूल है कि हम अपने अंदर को किसी दूसरे के बाहर से कंपेयर करते हैं, तो क्या यह कंपैरिजन सही है, क्या यह तरीका सही है, आप क्या उसको अंदर से जानते हो कि वह अंदर से कैसा है, खुश है नहीं है, तो आप उससे क्यों कंपेयर कर रहे हो| मां बाप को लगता है कि वह कंपैरिजन करके अपने बेटे के अंदर की आग जला रहे हैं, लेकिन हकीकत में होता है इसका उल्ट, उनकी यह बातें सुनकर उनका बच्चा यह मानने लग जाता है कि हां मैं कुछ नहीं कर सकता मेरी बस की नहीं है, मेरी हिम्मत नहीं है, वह काम मेरे पर नहीं हो पाएगा और यह फीलिंग उसके अंदर घर कर जाती है और जब वह बड़ा होता है, तो वह इसी फीलिंग को और बड़ा लेता है अपने अंदर वह मान लेता है कि वह कुछ नहीं कर सकता, वह कामयाब नहीं बन सकता, लेकिन अगर इसकी जगह मां-बाप उसे यह बोले नहीं मेरा बच्चा कुछ भी कर सकता है, ऐसी कोई चीज नहीं है जो तुम नहीं कर सकते| तो उसके अंदर क्या भावना आएगी कि मेरे मां-बाप जब मुझ पर इतना विश्वास करते हैं तो मैं खुद पर इतना विश्वास क्यों नहीं कर सकता क्यों मैं उनके विश्वास को जीत नहीं सकता, उनके विश्वास को सच साबित नहीं कर सकता और अगर एक बार बच्चे के अंदर यह भावना आ जाए कि वह कुछ भी कर सकता है| तो ऐसी कोई मंजिल नहीं जो वह बच्चा नहीं पा सकता|
अगर हम शुरू से ही उसके अंदर पॉजिटिव भावना से भर देंगे तो वह पॉजिटिव ही सोचेगा वह कभी नेगेटिव नहीं सोचेगा और हमें नेगेटिव बोलना सबसे पहले खुद बंद करना पड़ेगा क्योंकि कोई भी इंसान एक जैसा नहीं है, सबके डीएनए अलग हैं तो हम यह क्यों सोचते हैं कि मेरा बच्चा भी वही करें जो दूसरे का बच्चा कर रहा है| यह तो सोच ही गलत है सभी को भगवान ने अलग-अलग टैलेंट दिया है और कुछ बच्चे उस टैलेंट को जल्दी निकाल लेते हैं और कुछ बच्चे देरी में निकालते हैं, लेकिन टैलेंट सबके अंदर है, सभी का बच्चा खास है, सभी इंसान अलग है, तो सबके अंदर अलग-अलग खूबी है बस जरूरत है| तो उस पर भरोसा करके उसको बाहर निकालने की एक बार अगर हमने उसको भरोसा करना सिखा दिया, तो वह अपने जीवन में कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखेगा और हमेशा बोलेगा कि हां मैं कुछ भी कर सकता हूं, मैं कुछ भी पा सकता हूं और भरोसा हो तो जंगल के राजा शेर के जैसा जब वह शिकार पर जाता है ना तो उसका सिर्फ एक ही माइंडसेट होता है कि मुझे अपने शिकार को मारना है| मुझे आज अपने खाने का प्रबंध करना है, उसके मन में एक पल भी यह संकोच नहीं होता कि वह उस शिकार को मार पाएगा कि नहीं क्या उसके बस की है कि नहीं वह इतना भरोसा रखता है, खुद पर कि हां अगर मैं शिकार करूंगा तो मैं उसे मारूंगा आप लोग जानते ही होंगे कि एक हिरण की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे की होती है और वही शेर की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की लेकिन फिर भी जब भी वह हिरण का शिकार करता है, तो वह अक्सर उसको मार ही गिराता है, लेकिन जो हिरण है 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ज्यादा तेज दौड़ सकता है उसके अंदर एक डर होता है कि हां यह शेर मुझे मार देगा, मैं बच नहीं पाऊंगा इसलिए वह पीछे मुड़कर देखता है और जब पीछे मुड़कर देखता है, तो उसे अपनी मौत दिख रही होती है और उसका खुद पर से भरोसा डगमगाने लगता है और जब वह भरोसा डगमगाता है| वही शेर की जीत होती है क्योंकि शेर को खुद पर भरोसा है और हिरण को खुद पर भरोसा नहीं है यही अंतर है कि हिरण मारा जाता है और शेर अपना शिकार करने में हमेशा कामयाब होता है|
तो हमें अपने अंदर, अपने ऊपर वैसे ही भरोसा करना चाहिए जैसे शेर खुद पर करता है, शेर हकीकत में ना ज्यादा तेज दौड़ता है, ना ज्यादा बढ़ा है, लेकिन फिर भी वह जंगल का राजा है| वह जंगल का राजा इसलिए है क्योंकि उसने अपने दिमाग में यह बात बैठा रखी है, कि जब मैं खड़ा होगा तो दुनिया मुझ से डरेगी, जब मैं दहाड़गा तो दुनिया मेरी दहाड़ सुनकर भागेगी यही कारण है कि शेर जंगल का राजा बना और हाथी जंगल का राजा नहीं बन सका जबकि हाथी उससे बहुत बड़ा है, यह सब खेल आपके दिमाग का है, जब आप अपने आप पर भरोसा करने लगते हो आप का दिमाग आप पर भरोसा करने लगता है| तो आप कोई भी मंजिल पा सकते हो लेकिन जब आप खुद पर भरोसा नहीं करते तब आप हिरण की तरह मारे जाते हो, हिरण की तरह अपने सपनों से कुचले जाते हो, अपने सपनों को नहीं पा पाते, अपनी चाहतों को नहीं पूरा कर पाते इसलिए हमेशा खुद पर भरोसा करें क्योंकि इस दुनिया में जब भी आप पर मुसीबत आती है| तो आप पर सिर्फ एक ही शख्स का साथ रहता है जो आपका साथ कभी नहीं छोड़ता, तब तक आपके साथ रहता है जब तक आप मर नहीं जाते और वह शख्स का नाम है आप स्वयं आपके अंदर का आत्मविश्वास, अगर आप अपने अंदर विश्वास रखोगे अपने ऊपर विश्वास रखोगे तो आप कुछ भी पा सकते हो, लेकिन अगर आप किसी और पर विश्वास करोगे किसी और की बातों को सच मानोगे तो आप कभी भी वह नहीं पा सकते जो आप पाना चाहते हो| तो सबसे पहले आपको पाने के लिए खुद पर विश्वास करना पड़ेगा कि हां मैं कुछ भी पा सकता हूं| अगर मैं मैदान में उतरगा तो मैं शेर की तरह अपने शिकार को पछाड़कर ही आऊंगा, मैं शिकारी हूं और शिकार करके आऊंगा तो हमेशा खुद पर भरोसा रखें, जिसने खुद पर भरोसा किया है- वह कभी फेल नहीं हुआ, किसी की भी आज फेल होने के पीछे एक ही कारण है और वह है खुद पर विश्वास ना करना और दूसरों की बातों को मान लेना कि उसने बोला था और वही सच हुआ हकीकत में कोई आपके बारे में क्या सोचता है- कोई आपके बारे में क्या कहता है, इससे आपको कोई फर्क ही नहीं पढ़ना चाहिए क्योंकि आप से बेहतर आपको और कोई नहीं जानता, आप से बेहतर आपके अंदर की ताकत को कोई नहीं पहचानता और इस ताकत को अगर कोई पहचान सकता है तो वह आप खुद हैं| अगर आप दूसरों की बातों पर भरोसा करेंगे तो आप जीवन भर फेल रहेंगे लेकिन जब आप खुद पर विश्वास करेंगे तो आप अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं|
अगर आपने खुद पर विश्वास करना सीख लिया तो आपने आधी मंजिल तय कर ली, आपकी आधी जीत हो चुकी हैं, अब आपको सिर्फ आधी जीत का प्रयास करना है. अब आधी ही मेहनत ही रह गई हैं, आधा सफर तो आपने तय कर लिया उसी दिन जिस दिन आपने यह ठान लिया था- यह सोच लिया था कि हां मैं कर सकता हूं| क्योंकि इस दुनिया का काम है पीछे खींचना वह अपना काम कर रहे हैं और आपका काम है आगे बढ़ना तो अगर आप अपना काम नहीं करेंगे तो फिर आप सिर्फ दूसरों को दोष देते रह जाएंगे कि उसकी वजह से नहीं हुआ KFC के मालिक ने जब अपनी रेसिपी हजार रोज रेस्टोरेंट के मालिक को लगातार तीन साल दिखाई- तो उन्होंने सब ने उसे मना कर दिया लेकिन उनको खुद पर भरोसा था- उनको खुद की रेसिपी पर भरोसा था कि यह एक बार जब मार्केट में आएगी तो यह कामयाब होगी और उनके इस भरोसे की जीत हुई जब 1001 में रेस्टोरेंट के मालिक के पास वह गय और उसने बोला कि हां हम आपकी इस रेसिपी का इस्तेमाल करेंगे उस दिन इस दुनिया की सबसे बड़ी होटल चेन का जन्म हुआ- जिसका नाम है कि KFC केंटकी फ्राइड चिकन और यह इसीलिए हो पाया क्योंकि उनको खुद पर भरोसा था| उन्हें दूसरों ने मना किया तो उन्होंने यह नहीं सोचा कि क्या पता यार सब मना कर रहे हैं, तो क्या पता अच्छा ना हो, लेकिन उन्होंने इसके विपरीत यह सोचा कि नहीं अच्छा है, उन लोगों को समझ नहीं है- उन लोगों की बदकिस्मती है कि उन्होंने मुझे मना किया और देखिए आज वह कितने बड़े आदमी बन चुके है और कितने महान लोगों में उनका नाम आता है और ऐसी ही कहानी है| जेके रॉलिंग की जब उनकी किताब को 12 पब्लिशर ने छापने से मना कर दिया तो उन्होंने हार नहीं मानी उन्होंने खुद की किताब पर भरोसा रखो और 13 पब्लिशर के पास गई और उन्होंने उनकी किताब छापी जो इस दुनिया की सबसे बड़ी सीरीज बनी किताबों की, जिसकी 500 मिलियन से ज्यादा यूनिट बिक चुकी हैं और इसके ऊपर पिक्चर भी बनी हैरी पॉटर जिसने इस दुनिया में कई हजार करोड रुपए कमाए तो यह सब इसीलिए हो पाया क्योंकि इन लोगों को खुद पर विश्वास था| उन्होंने किसी की बात पर भरोसा नहीं किया इन्होंने सिर्फ खुद पर भरोसा किया और आज इनकी कामयाबी का जो कारण है. वह यही है खुद पर भरोसा अगर हम खुद पर भरोसा करना सीख गए तो हम अपनी जीवन में कुछ भी पा सकते हैं| हमारी जीत आधी तो उसी दिन हो गई थी जिस दिन हमने खुद पर विश्वास किया था इसलिए कभी भी किसी की बात पर भरोसा मत करें क्योंकि जो आप कर सकते हैं - जो आपके अंदर टैलेंट है खुफिया है वह सिर्फ आप जानते हैं दूसरे को क्या पता दूसरों का तो काम ही है कमी निकालना आपका काम है कि दूसरों की इस गलतफहमी को दूर करना कि जो तुम कहते थे, मैं वह नहीं हूं मैं वह हूं जो कुछ भी कर सकता है|
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