पैसे से खुशियां कैसे खरीदें?HOW TO BUY HAPPINESS THROUGH MONEY ?

 

पैसे से खुशियां कैसे खरीदें?HOW TO BUY HAPPINESS THROUGH MONEY ?

20 September 2022|motivation blog in hindi

 

पैसे से खुशियां कैसे खरीदें| बहुत किताबों में हमने पढ़ा है, बहुत से ज्ञानी लोगों ने यह बोला है कि आप पैसे से खुशियां नहीं खरीद सकते लेकिन मैं आज एक कहता हूं कि यह झूठ है | हम पैसे से कुछ भी खरीद सकते हैं | जिसमें से खुशियां भी एक ऐसी चीज है लेकिन यह हर एक को नहीं पता कि किस तरीके से आप पैसे से खुशियों को खरीद सकते हैं | वह कौन सा जरिया है वह कौन सा राज है | जो हर इंसान नहीं जानता कि किस तरीके से आप अपनी सभी खुशियां पैसे से खरीद सकते हैं| कैसे हैं आप अपना जीवन खुशियों से भर सकते हैं आपको हमेशा अच्छा फील होगा-आप कभी ड्रेस में नहीं रहोगे | कभी किसी चीज की टेंशन नहीं रहेगी, वह आखिर क्या राज है| जो बहुत ही अमीर लोग नहीं जानते और उनके पास अपार धन-संपत्ति है, लेकिन फिर भी वह लोग दुखी हैं|   उन लोगों के पास खुशियां नहीं है| वह कुछ भी खरीद सकते हो लेकिन वह खुशियां खरीदना नहीं जानते, खुशियां किस तरीके से खरीदी जाती हैं| आज हम इस ब्लॉग में आपको बताएंगे| तो चलिए शुरू करते हैं|











 आखिर ये कौन सा ऐसा राज हैं| जो हर एक इंसान नहीं जानता| एक गरीब इंसान यह सोचता है कि अगर आज उसके पास बहुत सारा पैसा आ जाए, तो वह इस दुनिया की सारी खुशियां खरीद सकता है| वह बहुत खुश रह सकता है| लेकिन आपको पता है कि जितने भी लोग लॉटरी जीतते हैं| उनमें से सभी 3 साल के अंदर कंगाल हो जाते हैं, उनकी हालत उस से भी बदतर हो जाती है, जो उनकी लॉटरी जीतने से पहले थी| उनकी दोस्ती जिनसे थी, उनका परिवार, उनका सब कुछ, उससे भी बुरा हो जाता है| क्यों क्योंकि उन्हें यह लगता है कि अब मेरे पास पैसा आ गया, उनके पास घमंड आ जाता है| जब घमंड आ जाता है तो वह अपने दोस्तों को कुछ नहीं समझने लगते- वह आवारागर्दी में लग जाते हैं- शराब के नशे में लग जाते हैं- वह ऐसी ऐसी चीजें खरीदने लगते हैं जिसकी उन्हें जरूरत ही नहीं थी| वह इतने डूब जाते हैं, पैसे के नशे में, इतना कर्ज कर लेते हैं कि वह अपने आप को इस दुनिया से अलग कर लेते हैं, और कंगाल हो जाते हैं और बुरा हाल हो जाता है, वह अब पहले से भी अधिक डूब जाते हैं| क्योंकि जब उनके पास पैसा आया तो उन्होंने घर, गाड़ी, बंगला, सब कुछ खरीद लिया उन्हें लगा कि इन सब चीजों से खुशियां मिलती हैं | हकीकत में इंसान को यह लगता है कि इन सब चीजों से खुशियां मिलती हैं, लेकिन खुशियां आपको इन सब चीजों से नहीं मिलती|




 पैसे से खुशियां कैसे खरीदें यह किसी को पता ही नहीं है| हमें लगता है कि हमें खुशियां सामान से मिलती हैं | हम पर अच्छा घर हो जाए उससे मिल जाएगी या हमारे पास गाड़ी हो जाए उससे मिल जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं है दोस्तों, अगर आपको सच में खुशियों को फील करना है- महसूस करना है तो उसके लिए आपको खुशियां बांटना आना चाहिए, अपने लिए तो जानवर भी करता है, एक कुत्ता, शेर, हिरण, सब अपने लिए ही तो जी रहे हैं | लेकिन हम इंसान सबसे समझदार प्राणी है इस धरती पर, हमें यह समझना चाहिए कि अपने लिए करने वाला खुश नहीं रह सकता, जब आप किसी और की मदद करते हैं तब आपको खुशी महसूस होती हैं | जब आप अपना जीवन में जो कमाया है, उससे किसी और को खाना खिलाते हैं, कपड़े दिलवा ते हैं, किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं, किसी के पास बीमारी का इलाज कराने के लिए पैसा नहीं है उसको पैसे से मदद करते हैं, तब आपको पता चलता है कि हां मैं अमीर हूं क्योंकि मैं लोगों को दे सकता हूं|






 एक सर्वे हुआ था जिसमें कुछ लोगों को बुलाया गया और उनको पैसे दिए गए किसी को 100-200-₹500 सबको अलग-अलग पैसे दिए गए और बोला गया इसे आपको आज खर्च करना है, अपने ऊपर और कुछ लोगों को बुलाया गया उनको भी पैसे दिए गए अलग-अलग और उनको बोला गया कि आपको यह पैसा खर्च करना है| लेकिन किसी जरूरतमंद को या किसी और के ऊपर| तो जब पहले जिन लोगों ने अपने ऊपर पैसा खर्च किया उनसे पूछा गया शाम को कि आपने क्या किया तो किसी ने बोला मैंने आज स्टारबक्स कॉफी पी, किसी ने बोला मैंने मेकअप ज्वेलरी का सामान खरीदा, किसी ने बोला कि मैंने मूवी देखी | एक सवाल पूछा गया- सवाल था क्या आपको खुशी मिली| क्या आप आज कुछ अलग महसूस कर रहे हैं  ? तो उनमें से हर एक का जवाब था कि नहीं    नॉर्मल ही है| कोई बहुत खुशी नहीं मिली लेकिन अगर ज्यादा पैसा होता तो मिलती| वही जब दूसरे लोगों से पूछा गया कि आपने क्या किया तो किसी ने बोला कि मैंने एक गरीब इंसान को खाना खिलाया, दूसरे ने बोला कि मैंने एक बच्चे को टॉयज दिलवाए, तीसरे ने बोला मैंने देखा हॉस्पिटल के  बाहर किसी को पैसे की जरूरत थी, इलाज कराने के लिए और उसपे पैसा नहीं थे, मैंने उसे पैसा दिया| उसके बाद उनसे भी वही सवाल पूछा गया कि क्या आपको आज कुछ अलग महसूस हो रहा है क्या, आप आज खुश फील कर रहे हैं| तो उन्होंने बोला हां आज हमें बहुत अच्छा लग रहा है| आज लग रहा है कि हमने बहुत अच्छा काम किया, किसी और के चेहरे पर हंसी देखकर मुझे बहुत खुशी मिल रही है| कि हमारी वजह से किसी और के चेहरे पर खुशी है | और अब मैं आगे से कोशिश करेगे कि हम भी कुछ पैसे बचाएं और उन पैसों को किसी की मदद के लिए लगाएं|


 फिर उनसे पूछा क्या आपको पहले कभी अपने ऊपर पैसे खर्च करके इतनी खुशी मिली है| तो उन्होंने कहा कि मतलब हम खुश तो होते थे, लेकिन जितनी खुशी आज हमें मिली है| उतनी पहले कभी नहीं मिली अपने ऊपर खर्च करके | तो आप लोग समझे कि क्या राज है खुशियां पाने का कि क्यों अमीर इंसान अमीर बनने के बाद भी खुश नहीं है क्योंकि अमीर बनने के बाद वह सिर्फ अपने बारे में सोच रहे है| आज हर कोई अपने बारे में सोच रहे हैं, उसे दूसरे की चिंता से, दूसरे की तकलीफ से कोई फर्क नहीं पड़ता| दान पुण्य करने से उसे लगता है कि कुछ नहीं होगा यह तो बल्कि बढ़ावा मिलेगा और लोग भिखारी बनेंगे, लेकिन वह लोग यह भूल जाते हैं कि कोई भी इंसान भिखारी नहीं बनना चाहता | उसको वक्त और हालात मजबूर करते हैं भिखारी बनने के लिए| अगर किसी के पास अपना इलाज कराने के लिए पैसे नहीं हो तो वह क्या करेगा, अब आप लोग कहेंगे काम, लेकिन क्या पता वो इतना कमा पाता हो की उनका दो वक्त की रोटी का ही जुगाड़ हो पाता हो और जब बीमार का पता चलो हो तब उनका शरिर साथ ना दे पाता हो, वह सब से भीख ही तो मांगेगा, रास्ता ही नहीं बचा |


 हम दूसरे को बहुत जल्दी जज कर लेते हैं लेकिन हमें दूसरे की सिचुएशन तब समझ आएगी जब वह सिचुएशन हमारे ऊपर हो क्योंकि आप किसी से भी पूछोगे तो वह- यही बोलता है कि मेरा दुख ही सबसे बड़ा है| हकीकत में सभी के दुख, सभी के लिए बड़े हैं इसलिए हमारे पास अगर इतना धन संपत्ति है कि हम दूसरे की मदद कर सकें या हमारा इतना पैसा बच जाता है कि, जो हम फालतू की चीजें खरीदने से  बजाये, किसी की मदद में लगा सके तो हमें करना चाहिए क्योंकि अगर हम ऐसा करते हैं, तो हम खुश रहते हैं, हम अपने आप को महसूस करते हैं कि हम अच्छे लोगों की गिनती में आते हैं, हम अंदर से महसूस करते हैं कि हमने आज कुछ अच्छा काम किया तो हमें और अच्छा करने के लिए प्रभावित करता है| तो इसलिए अगर आपको खुश रहना है आपको खुशियां खरीदनी है ,तो उसके लिए आपको दूसरों की मदद करना शुरू करना पड़ेगा| अपने लिए तो जानवर भी देता है कुत्ता बिल्ली शेर सब अपने लिए ही जी रहे हैं लेकिन इंसान ही एक ऐसा प्राणी है जो इतना सर्वगुण संपन्न है कि उसे पता है| उसके पास इमोशन है, वह दूसरे का दर्द महसूस कर सकता है- वह दूसरे की मदद के लिए काबिल है, लेकिन जानवरों में यह शक्ति नहीं है इसलिए आपको अपने अंदर दूसरों की मदद की भावना लाएं, सिर्फ अपने लिए मत करें, अपने बच्चे के लिए मत करें अपनी बीवी के लिए मत करें ,अपने मां, बाप, भाई-बहन के लिए मत करें इनके साथ साथ आप जितना ज्यादा लोगों की मदद करेंगे आपको उतना ही अच्छा महसूस होगा, आपको  सुकून की नींद आयगी और अगर आप सिर्फ अपने लिए करते जाएंगे तो आप चीजें खरीद सकते हैं, कुछ देर के लिए खुश रह सकते हैं, लेकिन आप खुशियां नहीं खरीद सकते क्योंकि खुशियां खरीदने के लिए आपको अपना दिल बड़ा करना पड़ेगा|


Comments

Popular posts from this blog

अपने दिमाग को पॉजिटिव रखे चाहे कुछ भी हो जाए हमेशा खुश रहे

अच्छे वक्त का इंतजार मत करो|Don't wait for opportunity, create it.