अपने दिमाग को पॉजिटिव रखे चाहे कुछ भी हो जाए हमेशा खुश रहे

 

अपने दिमाग को पॉजिटिव रखे चाहे कुछ भी हो जाए हमेशा खुश रहे

20 October 2022|motivation blog in hindi, motivational blog

खुद पर अविश्वास-- खुद पर विश्वास ना करना सबसे बड़ी भूल है यह एक ऐसी बीमारी है जो आपको कुछ भी पानी नहीं देती हर चीज से आपको वंचित रखती हैं| जब किसी इंसान को खुद पर विश्वास नहीं रहता तो वह कोई भी काम नहीं कर पाता| उसको बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है क्योंकि उसके दिमाग में यह बात हो गई है कि वह कुछ भी नहीं कर सकता| क्योंकि उसके दिमाग के सॉफ्टवेयर में यह फिट हो चुका है कि वह नकारा है| लेकिन भाई अगर हम कोई मोटिवेशनल वीडियो देख लेते हैं या फिर कोई बुक पढ़ लेते हैं, तो हमारी सोच बदल जाती हैं, ऐसा क्यों होता है, ऐसा क्या बदलाव आया? एक बात बताओ दोस्तों किसी का भी दिमाग अलग नहीं है. इस दुनिया में सभी के दिमाग एक बराबर है. एक तरीके से काम करते हैं. हम यह मानने लगते हैं कि हमारा दिमाग कमजोर है. मैं यह नहीं पा सकता, वह दूसरा बंदा किसी और मिट्टी से बना है. उसका दिमाग ज्यादा तेज चलता है लेकिन ऐसा नहीं है. अगर न्यूटन का दिमाग और आपका दिमाग एक साथ रखा जाए, तो आप दोनों का दिमाग बिल्कुल सामान तरीके से काम करता है. लेकिन यह अपनी सोचने के ऊपर डिपेंड करता है, कि आप जैसा सोच रहे हैं, आप कैसी बातें अपने दिमाग में भरते हैं| क्या आपने कभी सोचा है कि क्यों एक व्यक्ति बहुत कामयाब है और एक व्यक्ति कुछ नहीं कर पाता. एक व्यक्ति जो चाहे वो पा रहा है, पर एक व्यक्ति को कुछ नहीं मिल रहा, इसमें किसी का दोष नहीं है. किसी भगवान का दोष नहीं है. भगवान ने सब को एक जैसा बनाया है| ऐसा नहीं है कि उन्होंने किसी को ज्यादा दिमाग दिया है और किसी को कम, उन्होंने सब को एक समान दिमाग दिया है. यह प्रकृति ने हम सब को एक जैसा बनाया है| आप आइंस्टाइन के दिमाग को देख लीजिए और अपने दिमाग को देख लीजिए अगर आप दोनों के दिमाग को एक जगह रखा जाएगा तो आप दोनों में कोई कमी नहीं दिखेगी लेकिन एक कमी होती है. वह है हमारी सोचने के ऊपर जब हम खुद पर ही भरोसा नहीं करते, तो कोई गैर हम पर भरोसा क्यों करेगा. जब हम खुद यह मान लेते हैं कि हम कुछ नहीं कर सकते, तो इसका मतलब हमने अपने आप को गलत राह दिखाई गलत सोच रखी जिसका परिणाम होता है, कि हम कोई भी काम करने में असमर्थ होते हैं. वही दूसरे व्यक्ति कुछ भी कर सकता है|


 तो आपको अपने दिमाग के सॉफ्टवेयर में यह डालना है कि आप कुछ भी कर सकते हो. आपके लिए कोई भी काम ना मुमकिन नहीं है| नामुमकिन तो दोस्तों कोई शब्द ही नहीं है, क्योंकि नामुमकिन में अगर ना को हटा दिया जाए तो सिर्फ एक शब्द बनता है जिसका नाम है मुमकिन. तो इस दुनिया में कुछ भी पाना मुश्किल नहीं है, लेकिन हम उसको मुश्किल बना देते हैं. हमारे सोचने की शक्ति से बहुत कुछ बदल जाता है क्योंकि जब हम अपने शरीर को अच्छा खाना देते हैं. स्वस्थ खाना देते हैं. फल फ्रूट खाते हैं. तो हमारा शरीर निखरता है. सुंदर लगता है और अच्छा खाते हैं, तो अच्छा सोचते भी हैं और सभी प्रकार की बीमारी से दूर रहते हैं, लेकिन वही अगर हम लोग बाहर की चीजें खाएं तला हुआ भुना हुआ खाएं मोमो खाए,.समोसा खाएं तो हमारा शरीर बीमार पड़ सकता है. हमारा पेट खराब हो सकता है और बहुत ही बड़ी-बड़ी बीमारियां भी इन्हीं सब तला हुआ खाने से बढ़ जाती है| इससे हमें क्या समझ आता है, हमें अपने शरीर को पौष्टिक आहार देना चाहिए. जिससे वह तंदुरुस्त रहे| उसी तरीके से हमको अपने दिमाग को भी पौष्टिक बातें बोल नहीं चाहिए|  जब हम अच्छा सोचेंगे तो हम अच्छा काम करेंगे, अच्छा काम कर पाएंगे लेकिन अगर हम गलत सोचेंगे तो हम गलत काम करेंगे. जो हमें आगे जाकर सिर्फ पछताने को मजबूर करेगा. लेकिन हम अपने दिमाग में अच्छी बातें कैसे डालें, कैसे हम हमेशा अच्छा सोचें, इसके लिए बहुत से रास्ते हैं. जैसे आप मोटिवेशनल वीडियो देखा कीजिए, आप गूगल और इंस्टाग्राम पर फालतू की वीडियो जो देखते हैं. उसकी जगह ऐसी वीडियोस देखिए जिससे आपका ज्ञान बढ़े,आप अच्छा सोचेंगे, अच्छा महसूस करें. जिन वीडियो से आपको अच्छा करने की प्रेरणा मिलेगी. इसके साथ-साथ आपको बुक्स वगैरह भी पढ़नी चाहिए. जैसे आप अपनी पर्सनैलिटी को कैसे डेवलप करें. और बिजनेस से रिलेटेड किताबें पढ़ें या आप जो बनना चाहते हैं. जो अपने जीवन में करना चाहते हैं.


उस हिसाब की वीडियोस देखें. उस हिसाब से किताब पढ़ें| इससे होगा कि आप हमेशा अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. हमेशा अपने लक्ष्य के बारे में ही सोचेंगे. जब आप अपने लक्ष्य के बारे में सोचेंगे, अच्छा करने के बारे में सोचेंगे, तो आपका दिमाग अपने आप ही आपके ऊपर भरोसा करने के लिए आपको मजबूर कर देगा. क्योंकि अब आप अपने दिमाग में अच्छी बातें डाल रहे हैं| वह बातें डाल रहे हैं जिससे आप कामयाब होंगे और अपने सपनों की ओर अग्रसर होंगे|| तू खुद पर विश्वास ना करके आप बहुत सी चीजों को खो रहे हैं. आप खुद को सबसे पहले किसी और से कंपेयर करना बंद कर दें, क्योंकि आप से ज्यादा बेहतरीन इस दुनिया में कोई नहीं है. आप जो कर सकते हैं, वह कोई नहीं कर सकता, आपके अंदर जो शक्ति है. वह किसी भी व्यक्ति में नहीं है. हमेशा खुद को बोले कि मैं कुछ भी कर सकता हूं. .ऐसा कोई काम नहीं है जो मैं नहीं कर सकता. बस आपको इतना सा काम करना है और फिर आप देखेंगे कि आप अपने ऊपर विश्वास करने लगेंगे और जब आप अपने ऊपर विश्वास करने लगेंगे तो आप उन चीजों को पा सकेंगे जिन चीजों को आप पाना चाहते हैं. जो चीजें आप करना चाहते हैं|| लेकिन आपको खुद पर विश्वास करना है घमंड नहीं क्योंकि इस दुनिया में दो प्रकार के लोग होते हैं. 1 जिन्की बात अभी हमने ऊपर करी और--







 दुसरे जो खुद पर हद से ज्यादा ही भरोसा करते हैं. वह इस भरोसे में अपना बहुत ही बार नुकसान करवा लेते हैं. जैसे अगर उन्हें अपने ज्ञान पर घमंड है. तो उनके आगे अगर कोई सही भी बात कर रहा होगा तो वह उसको नहीं मानेगा और उसको गलत साबित करने की कोशिश करेगा. तो इसलिए आपको कभी भी किसी भी चीज का घमंड नहीं होना चाहिए. अपने भरोसे पर भी घमंड मत करो, आप कुछ भी कर सकते हो, यह आपकी सोच है. बहुत अच्छी सोच है. लेकिन आप इस सोच को हावी मत होने दो, अगर आपके पास बहुत धन और संपत्ति हैं. तो कभी भी उसका गलत उपयोग मत करो, यह मत सोचो कि यह हमेशा आपके साथ रहेगी. आपको हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए और कभी भी सीखना बंद नहीं करना है. आप बेहतरीन हैं. यह बहुत अच्छी बात है. लेकिन सिर्फ आप ही बेहतरीन है. यह गलत है. जब इंसान में मैं आ जाता है, अहंकार आ जाता है, उसका सर्वनाश होना शुरू हो जाता है.  रावण का सर्वनाश क्यों हुआ, रावण जबकि एक सर्व ज्ञानी था. बहुत बड़ा ब्राह्मण था. हर शास्त्र कि उसे समझ थी | वह बहुत ही बलशाली था. उसे तीनों लोगों में कोई भी विजय नहीं पा सकता था. यहां तक कि बड़े-बड़े देवता भी उसके आगे कुछ नहीं थे. लेकिन उसने क्या किया उसने अपनी इस शक्ति का, अपने ज्ञान का गलत उपयोग किया उसने देवताओं को परेशान करना शुरू किया. उसने लोगों पर अत्याचार करना शुरू किया. सबको जब परेशान कर दिया तो भगवान विष्णु को धरती पर आना पड़ा राम अवतार लेना पड़ा. उसका नाश करने के लिए, तो अगर हम अपने ऊपर घमंड करते हैं. तो हम गलत राह पर चलने लगते हैं. जैसे रावण चलने लगा था. 


आपने दुर्योधन का नाम सुना होगा, जो महाभारत में कौरवों का सबसे बड़ा भाई था. उसमें भी मैं आ गया था. आप एक बात सोचिए उसकी छोटी सी बेज्जती हुई थी. जिसमें उसको कह दिया गया था, कि अंधा का बेटा अंधा, उसने इसका बदला लेने के लिए अपने सभी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया और अपने सर्वनाश की ओर बढ़ गया. अगर वह इस बात को यह सोचता कि यार उसके कहने से क्या होगा मैं अंधा थोड़ी हूं, मेरे पास तो आंखें हैं, तो बदले की भावना उसके अंदर नहीं रखती लेकिन उसने यह सोचा कि मैं इतना शक्तिशाली हूं. मेरे पिताजी इस दुनिया के सबसे शक्तिशाली राजाओं में से एक है उसने मुझे ऐसा कैसे कह दिया. अब मैं उसको छोडूंगा नहीं. उससे बदला लूंगा और जब उसने बदला लेने की सोची वही उसके सर्वनाश का आरंभ हो गया| क्योंकि उसने फिर वह गलतियां करी जिस का पश्चाताप भी नामुमकिन था और माफ करने लायक भी नहीं थी. लेकिन फिर भी वह अपने घमंड में इतना चूर था, कि कृष्ण भगवान ने बोला कि अगर तुम माफी मांग लेते हो द्रौपदी से तो हम यह युद्ध नहीं करेंगे लेकिन फिर उस पर उसका घमंड हावी हो गया, उसका अहंकार हावी हो गया और उसने कृष्ण भगवान को ही बंदी बनाने की सोची जो कि पहले के राजा महाराजा किसी भी दूत को कभी भी किसी प्रकार की हनी नहीं पहुंचाते थे, लेकिन दुर्योधन ने अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल करने की सोची और कृष्ण को बंदी बनाने का विचार बनाया और उसकी यही गलती उसको नाश की ओर ले गई क्योंकि अब भगवान भी समझ गए थे, कि इसको कुछ देने का फायदा नहीं है. इससे आप सब कुछ छीन लेना चाहिए. तो वही जब हम घमंड करने लगते हैं किसी भी वस्तु पर तो हम अपने सर्वनाश की ओर बढ़ जाते हैं. हमारी सोच होनी चाहिए कि हां मैं कुछ भी पा सकता हूं, लेकिन कभी भी यह सोच नहीं होनी चाहिए कि मैं ही सिर्फ सब कुछ पा सकता हूं| अगर हम अपने साथ-साथ दूसरों का भला सोचेंगे तो हमारा भला अपने आप ही होने लगेगा| लेकिन जो व्यक्ति सिर्फ अपने बारे में सोचता है. अपनी भलाई के बारे में सोचता है. वह लालची हो जाता है| और अपने लालच को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक चला जाता है. इसलिए आपको अपने अंदर सोच रखनी है कि आप कुछ भी पा सकते हो लेकिन कभी भी इसका घमंड नहीं करना. अगर आपके पास कोई चीज दुनिया से ज्यादा है. दूसरे व्यक्ति से ज्यादा है. तो उसमें घमंड मत करो, अगर आपसे कोई राय मांगने आए तो उसको जितनी हो सके सही राय दो, उसे गलत राह मत दिखाओ, अपने दिमाग को अच्छे विचारों से भर दोगे तो आप देखोगे कि आपके अंदर बेहतरीन बदलाव आएंगे. जो काम आप पहले नहीं कर पाते थे, वह काम आप कर पाओगे, आप कामयाब होने लगोगे, अपने जीवन में सब कुछ पा पाओगे, जो आप पाना चाहते हो, इसलिए हमेशा अपनी सोच को सही रखें और उसको सही सोच का पोषण दें| तो आपको कुछ नहीं करना है. अगर आप अपने ऊपर भरोसा नहीं करते तो सबसे पहले यह चीज देखिए कि आप अपने ऊपर भरोसा कैसे कर पाएंगे. आपको उसके लिए अपने अंदर अच्छे विचारों को लाना होगा और बुरे विचारों को अपने दिमाग से फेंकना होगा. जब आप ऐसा करेंगे तो आप इस जीवन में बहुत कामयाब व्यक्ति बन सकते हैं और हमेशा खुश रहेंगे| धन्यवाद|

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