अपने जीवन में डाल ले भगवान श्री कृष्ण द्वारा बताई गई यह 4 बातें
अपने जीवन में डाल ले भगवान श्री कृष्ण द्वारा बताई गई यह 4 बातें

भगवान श्री कृष्ण द्वारा बताई गई यह बातें अगर हम अपने जीवन में डाल ले तो हमारा जीवन सुखमें हो जाएगा. भगवान श्री कृष्ण जिन्होंने द्वापर युग मैं जन्म लेकर बुराई का सर्वनाश किया और अच्छाई की विजय करवाई. यह भगवान विष्णु के 9 अवतार हैं| जिन का अवतार हुआ था. कंस को मारने के लिए और इस दुनिया को नया ज्ञान देने के लिए भागवत गीता के रूप मे, जिसने भी भागवत गीता पढ़ी है, उसको जीवन के उन पाठों के बारे में ज्ञान मिला है. जो किसी भी किताब में नहीं है. अगर हम अपने जीवन में भगवत गीता को धारण कर लें, इसकी बातों को मानना शुरू कर दें, तो हम इस दुनिया में कुछ भी प्राप्त कर सकते हैं| ऐसी कोई वस्तु नहीं, ऐसा कोई सुख नहीं जो हम प्राप्त नहीं कर सकते अगर हम भगवत गीता को अपने जीवन में धारण कर लें| भगवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने बहुत सी बातें बताई हैं| लेकिन हम उनमें से आप के लिए यह बातें लेकर आए हैं- जिन्हें अगर आप अपने जीवन में धारण करें, तो आपका जीवन बदल सकता है. तो चलिए शुरू करते हैं|
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।
मा कर्मफलहेतुर्भुर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि ॥
सबसे पहली बात जो भगवान श्री कृष्ण ने हमें बताई है गीता में वह है, कि हमें हमेशा अपना कर्म करते रहना चाहिए, हमें फल की चिंता को त्याग देना चाहिए हमें सिर्फ अपने कर्म पर ध्यान देना है| कि हमारा जो कर्तव्य है, हमारा जो काम है, हमें उसको 100 प्रतिशत पूरा करना है. उसमें अपना 100 प्रतिशत देना है. उसमें हमारी तरफ से कोई कमी नहीं रहनी चाहिए और उसके बाद हमारा काम वही समाप्त हो जाता है. उसके बाद उसका क्या परिणाम आएगा, उसके बारे में चिंता करने से भगवान श्री कृष्ण ने मना किया है, कि तुम्हारा काम सिर्फ कर्म करना है. उसके फल की आशा रखना, अभिलाषा रखना कि मैं जो चाहूं वो हो जाए यह गलत है. अगर आप ऐसा करते हैं, तो आप कर्म को ढंग से नहीं कर पाएंगे| अगर आप कोई स्टूडेंट है और किसी के एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं. तो आपको एग्जाम से पहले अपना 100 प्रतिशत देना है| आपको दिन-रात पढ़ाई करनी है. सच्चे मन से पूरी शिद्दत से उसमें आप की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए, लेकिन जब एक बार आप एग्जाम दे देंगे उसके बाद उसके परिणाम की चिंता करना आपका काम नहीं है, क्योंकि आपका अब जो होना है वह तो होकर रहेगा क्योंकि एग्जाम जा चुका है| आपको उसके फल की चिंता करनी ही नहीं है| आपने अपनी तरफ से जितना कर सकते थे, आपने कर दिया, अब आपको इंतजार करना है और जो भी परिणाम आता है| उसको स्वीकार करना है| कोई कंप्लेन नहीं, कोई शिकवा नहीं किसी से अगर आप उत्तीर्ण हुए तो बहुत अच्छी बात है, लेकिन अगर आप उत्तीर्ण नहीं हुए तो इस चीज का बुरा नहीं लगाना है| आपको फिर से कोशिश करनी है, क्योंकि यह जीवन बहुत बड़ा है अगर आप एक एग्जाम- दो एग्जाम पास नहीं कर पाते तो कोई बड़ी बात नहीं है| ऐसे मौके आपको जीवन भर मिलते रहेंगे बस अगली बार आपको अपना सौ परसेंट देना है. तो कर्म करो फल की चिंता मत करो|\

दूसरी बात जो श्री कृष्ण ने गीता में बताई है कि इंसान जीवन भर काया और माया के पीछे भागता रहता है. वह सिर्फ इन्हीं चीजों के लिए कर्म करता है, मतलब आपका जो रूप-रंग है| आपका जो शरीर है, बनावट है, अच्छे कपड़े पहनना खुद को अच्छा दिखाना, ये गलत नहीं है लेकिन अपना सारा ध्यान इसी पे देना गलत है| आपने देखा होगा जो नौजवान लड़के हैं आज के, वह क्या करते हैं. वह सिर्फ अपने आप को संभालने में लगे हैं, कि उन्हें बहुत अच्छा दिखना है. उनके बाल टिप टॉप होने चाहिए, कपड़े अच्छे दिखने चाहिए, जूते अच्छे होने चाहिए, बाइक होनी चाहिए. इसके अलावा वह मेहनत नहीं करना चाहते, वह यह सब करके गली नुक्कड़ पर खड़े होकर लड़कियों को पटाना चाहते हैं. उनके जीवन का सिर्फ एक मात्र यही उद्देश्य रह गया है, कि उनको लड़की को पटाना है और वह इस उद्देश्य के कारण अपने जीवन की सबसे बड़ी भूल कर रहे हैं. उन्हें यह बात समझ नहीं आ रही जो उन्हें बाद में बर्बाद कर देती है और दूसरी चीज जो इंसान जिसके पीछे हर कोई भाग रहा है. वह है माया मतलब धन, पैसा आज के समय में सबसे जरूरी चीज पैसा है कोई शक नहीं है| इस बात में लेकिन हम जिस तरह उसे पाने के लिए चाहत रखते हैं. वह गलत है, हम पैसे को पाने के लिए किसी का गलत करने को तैयार खड़े हो जाते हैं| हम पैसे के लिए किसी का भी दिल दुखाने के लिए तैयार हो जाते हैं| हम पैसे के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं| जो भगवान श्री कृष्ण ने मना किया है. वह कहते हैं इंसान जीवन भर इनके पीछे भागता है, लेकिन इंसान का साथ सबसे पहले अगर कोई छोड़ती है. तो वह काया है, जब आपका बुढ़ापा आता है, तो आपका शरीर ढल ही जाता है और दूसरा माया, माया भी कभी ना कभी आपका साथ छोड़ ही देगी, जीवन का असली सुख केवल पैसा कमाने में नहीं है. जीवन में अपने लिए करने में खुशी नहीं मिलती, अगर वही हम किसी दूसरे के लिए करें, किसी दूसरे के लिए कुछ गिफ्ट खरीदें, उसकी मदद करें,. उसको परेशानी से निकाले, तो हमें ज्यादा खुशी मिलेगी. लेकिन माया के पीछे- हम इतने पागल हो गए हैं कि हम उसके पीछे किसी का भी बुरा करने को तैयार हैं| कुछ भी करने को तैयार है. वह आजकल एक चीज बोली जाती है कि बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया यही सत्य हो गया है, इस जीवन का और श्री कृष्ण ने गीता में बोला है कि जो माया के पीछे भागा है| वह कभी ना कभी बर्बाद हुआ ही है. इसलिए सिर्फ माया के पीछे ना भागे आप माया क्यों कमाना चाहते हैं? आप पैसा क्यों कमाना चाहते हैं? आपको यह पता होना चाहिए अगर आप सिर्फ अपने लिए कमाना चाहते हैं. तो आप कभी खुश नहीं रह सकते लेकिन अगर आप दूसरों के लिए कमाना चाहते हैं| दूसरों के चेहरे पर खुशी देना चाहते हैं. तो आप सही राह पर हैं. आपको भगवान देने से पीछे नहीं हटेगा, एक बात सोचो दोस्तों अगर हम सिर्फ अपना भला करें तो भगवान हमें कितना देगा| जिसमें हमारा भला हो सकता है, लेकिन वही हम यह सोचे कि हमें एक लाख लोगों का भला करना है, तो भगवान हमें एक लाख लोगों को भला करने जितना धन देगा. तो हमारा धन संपत्ति किस में ज्यादा बढ़ रही है. अपने बारे में सोचने में या दूसरे के बारे में भी सोचने में, अगर हम अपने साथ-साथ दूसरों को भी लेकर चले तो हम और ज्यादा अच्छा कर सकते हैं, लोगों की दुआ मिलेगी और जीवन 70-80 साल का है- इस जीवन में जितना हो सके दूसरों के चेहरे पर खुशी लाइए किसी को दुख देना गलत है|
तीसरी बात जो श्री कृष्ण भगवत गीता में बताते हैं कि इंसान को कभी भी प्रयास करना बंद नहीं करना चाहिए. प्रयास मतलब कोशिश हमेशा कोशिश करते रहें| अगर आप 10 15 बार भी फेल हो गए, तो आपको कोशिश करना बंद नहीं करना है. आपको हमेशा कोशिश करते रहना है. आप जो पाना चाहते हैं. वह आप पा सकते हैं, क्योंकि श्री कृष्ण खुद कहते हैं कि ऐसी कोई वस्तु नहीं इस पृथ्वी पर जो इंसान नहीं पा सकता, जो इंसान नहीं कर सकता है. ऐसा कोई काम नहीं है. हम सब कुछ कर सकते हैं. बस उसके लिए हमें उस हिसाब का प्रयास करना होगा, आप दोस्तों एक बात बताओ- अगर आप 100 करोड रुपए कमाना चाहते हो तो आप क्या 100 करोड रुपए नौकरी से कमा सकते हो? हां जब तक वह नौकरी गूगल या किसी बेहतरीन माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनी में ना हो. उसके अलावा अगर आप पच्चीस हजार के नौकरी करते हो और आपको कमाने हैं 100 करोड़, तो आप कैसे कमाओगे? अगर आपके 100 करोड़ के सपने हैं. तो आपको वह नौकरी छोड़कर बिजनेस करना पड़ेगा, क्योंकि बिजनेस ही पैसे का सागर है. इसमें इतना पैसा है, इसका कोई अंत नहीं है. आप कोई भी काम कर सकते हो, अगर आप लोहे का काम करते हैं तो आप अपनी कंपनी खड़ी कर सकते हैं टाटा स्टील जैसी, अगर आपकी इलेक्ट्रॉनिक की शॉप है तो आपको 100 आउटलेट बनाना है, जैसे रिलायंस डिजिटल और क्रोमा, हकीकत में अगर हम कुछ बड़ा पाना चाहते हैं. तो हमें अपनी छोटी मानसिकता को बंद करके बड़ी मानसिकता का विकास करना पड़ेगा. बड़े सपने देखना काफी नहीं होता, उसके लिए आपको प्रयास भी करना होगा और प्रयास छोटे-छोटे ही करो लेकिन करते रहो. अगर आप खुद को एक रेगुलर इनकम में बांध दोगे, तो आप हमेशा उसी में बंध कर रह जाओगे, आपकी इनकम 10- ₹20000 ऊपर बेशक जा सकती हैं, लेकिन आप कभी 100 करोड़ नहीं कमा सकते| अगर आपको कुछ भी करना है, तो उसके लिए आपको उसी हिसाब की मेहनत करनी पड़ेगी. अगर आप 100-200 करोड़ कमाना चाहते हैं| तो आपको बिजनेस करना पड़ेगा, लेकिन अगर आप 2-₹3 लाख जोड़ना चाहते हैं. तो आप वह अपनी नौकरी से जोड़ सकते हैं, क्योंकि जिसका जितना हो दामन यहां पर उसको सौगात उतनी ही मिलती है- कहने का मतलब यह है कि अगर आपकी चाहत है कि आप 100 करोड़ कमाए. तो भगवान आपको 100 करोड़ देगा. अगर आपकी चाहत ₹25hazar की है तो भगवान आपको 25hazar ही देगा. हकीकत में यह हमारे माइंडसेट का नतीजा है, कि हम क्या पाना चाहते हैं| अगर हम अधिक पाना चाहते हैं. तो हमें उसी हिसाब का प्रयास करना पड़ेगा. अगर हम कम पाना चाहते हैं, तो आप जो कर रहे हैं करते रहे क्या फर्क पड़ता है, क्योंकि जीवन जीना और जीवन काटना दो अलग-अलग बातें हैं. जीता बिजनेसमैन है क्योंकि उसकी कोई सीमा नहीं है. वह किसी भी सीमा तक जा सकता है. लेकिन एक नौकरीपेशा वाला आदमी जीवन काटता है. वह जीवन जी नहीं पाता, वह हमेशा गुलाम रहता है और एक बिजनेसमैन हमेशा अपना मालिक होता है और फ्रीडम होती है| उसके पास आजादी होती है कुछ भी करने की, कहीं भी जाने की, जो एक नौकरीपेशा वाले के पास नहीं होती इसलिए आप जो चाहते हैं उसी हिसाब से प्रयास करें|
चौथी बात बहुत ही मजेदार है हमने बहुत से लोगों को कहते सुना होगा कि अगर भगवान श्री कृष्ण ने कहा है. जो होना है वह होकर रहेगा. तो हम कोशिश क्यों करें, हम मेहनत क्यों करें, हम कोई काम क्यों करें क्योंकि जो होना है वह तो होगा, जिस दिन हमें 100 करोड़ मिलने हैं. उस दिन हम खुद बाहर चले जाएंगे ऐसे ही बेवकूफो वाली बातें बहुत से लोग करते हैं, लेकिन हकीकत क्या है. क्यों हमारे लिए कर्म जरूरी है. आज हम आपको बताते हैं, कर्म इसलिए जरूरी है| यह बात बिल्कुल सत्य है, जो होना है उसे कोई नहीं टाल सकता, लेकिन एक स्टोरी से समझाता हूं- एक बार एक बच्चा श्री कृष्ण भगवान से यह पूछता है कि हे भगवान आप कहते हैं कि इस दुनिया में जो होना है वह होकर रहेगा, आपने पहले ही मेरी कहानी लिख दी है, कि मेरे को क्या-क्या मिलेगा तो फिर मैं मेहनत क्यों करूं? तो भगवान श्री कृष्ण कहते हैं- कि क्या पता बच्चे मैंने एक किताब लिखी, जिसमें तेरे बारे में सब कुछ लिखा है| उसमें कहीं मैंने यह लिख रखा ही ,कि आज जो तू चाहता है वह तुझे मिलेगा, जो तेरी चाहत है सिर्फ वही होगा और अगर आप रोज कोशिश करते रहोगे कि मेरा बिजनेस सफल हो, मैं सफल हूं, मैं सफल हूं, तो आप जब उस पेज पर पहुंचोगे, जहां पर कृष्ण भगवान ने लिखा है. जो तुझे चाहिए वह मिलेगा तो आपको वह मिलेगा ना, लेकिन अगर आप कोशिश नहीं करोगे और सोचोगे कि जिस दिन मिलना होगा उस दिन मिलेगा. तो आप तो उस दिन विचार करते रह गए जिस दिन वह पेज आया. उस दिन आपने कुछ मांगा ही नहीं. आपने यह बोल दिया जो होना होगा सो होगा, तो फिर तो वही होगा जो कृष्ण भगवान ने लिखा है लेकिन जब आपको मौका मिला था, आपकी किस्मत बदलने का तब आपने वह खो दिया. अगर आप वही प्रयास करते रहते-मेहनत करते रहते तो आप अलग रिजल्ट पाते आपने क्या किया आपने सबकुछ किस्मत पर छोड़ दिया, तो किस्मत में इसीलिए नहीं छोड़ना है क्योंकि भगवान ने बेशक सब कुछ लिख रखा है| लेकिन कहीं ना कहीं उसने यह लिख रखा है कि आज जो तुझे चाहिए वह मिलेगा.तो उसके लिए हमें रोज प्रयास करना पड़ेगा|
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